सीएम योगी का दावा- राम मंदिर मामले में एसआईटी कर रही निष्पक्ष जांच, यूपी में निवेश और रोजगार पर भी गिनाई उपलब्धियां

सीएम योगी का दावा- राम मंदिर मामले में एसआईटी कर रही निष्पक्ष जांच, यूपी में निवेश और रोजगार पर भी गिनाई उपलब्धियां

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CM Yogi claims SIT is conducting an impartial probe into the Ram Mandir case

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में वित्तीय गड़बड़ी की एसआइटी निष्पक्ष जांच कर रही है। कार्रवाई की जा रही है। नैतिक आधार पर इस्तीफे हुए । लेकिन, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की आड़ में जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं, हिंदू धामों पर प्रहार कर रहे हैं।

ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे। जिनके राज में 35 ऐसे जिले थे, जहां के लोग बेटियों को पढ़ाई के लिए उत्तर प्रदेश के बाहर रिश्तेदारों के घर, हास्टल भेज देते थे। हर विस्फोट में यूपी का नाम जुड़ता था। नई पीढ़ी को यह जानकारी देने की आवश्यकता है।

मंगलवार को एक चैनल के कांक्लेव में मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं। 2017 से पहले हर तीसरे दिन दंगा होता था। कर्फ्यू रहता था। कुछ लोग सुरक्षा के लिए बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर देते थे। व्यापारी को पता नहीं होता था कि घर लौट पाएगा या नहीं। पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। माफिया के सामने सरकारें नाक रगड़ती थीं।

50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावित

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं। 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट धरातल पर उतारे जा चुके हैं। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) की ब्रांडिंग की, इन्हें जीआई टैग से जोड़ा गया। वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी में कार्यरत हैं।

सीएम ने कहा कि जब उनकी सरकार बनी खजाना खाली था। तत्कालीन वित्त सचिव तबीयत खराब होने की बात कहकर कार्यभार से मुक्त करने की मांग कर रहे थे। लेकिन, हमने ठोस फैसले करने शुरू किए तो परिणाम सामने आये। यूपी का बजट तीन लाख करोड़ से बढ़कर नौ लाख करोड़ हो गया है। उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल 12 प्रतिशत था, जो अब 38 प्रतिशत है। देश के कुल एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले यूपी सरकार ने आम महोत्सव आयोजित किया, जिसमें यूपी का आम खरीदने के लिए लोग लाइन में खड़े थे। 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं या बेच दी गईं। उन मिलों की जमीन सैकड़ों करोड़ रुपये की थी। अब 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। योगी ने कहा कि 9 लाख से अधिक युवाओं को प्रदेश में सरकारी नौकरी दी गई।